अजित पवार का प्लेन क्रैश: एक दुखद हादसा जो महाराष्ट्र को हिला गया
28 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा झटका लगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता अजित पवार का निजी चार्टर्ड विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। यह खबर जैसे ही बाहर आई, पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थक सड़कों पर उतर आए, राजनीतिक दिग्गजों ने श्रद्धांजलि दी और देशभर में चर्चा छिड़ गई कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ?
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा नाम थे। वे शरद पवार के भतीजे थे और लंबे समय से राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे। बारामती उनका गढ़ था, जहां वे चुनाव दर चुनाव जीतते आए थे। लेकिन इसी बारामती में उनकी जिंदगी का अंतिम पड़ाव आ गया। सुबह करीब 8:45 बजे मुंबई से बारामती जा रहा लियरजेट 45 विमान रनवे से कुछ दूरी पर क्रैश हो गया। सीसीटीवी फुटेज में विमान का जमीन से टकराना और फिर आग का गोला बनना साफ दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर किसी का भी दिल दहल जाए।
अजित पवार: एक राजनीतिक योद्धा की कहानी
अजित दादा, जैसा कि उन्हें प्यार से बुलाया जाता था, का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था। वे शरद पवार के भतीजे थे और राजनीति उनकी रगों में थी। 1991 में पहली बार बारामती से सांसद बने और फिर विधायक। उन्होंने कई बार मंत्री पद संभाला – सिंचाई, ग्रामीण विकास, वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग। महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन में उनका बड़ा योगदान रहा। शुगर फैक्टरियां, बैंक और शिक्षण संस्थान, बारामती को उन्होंने विकसित शहर बनाया।
2019 में राजनीतिक जीवन का बड़ा मोड़ आया जब वे चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा के साथ चले गए। कुछ दिनों की सरकार बनी, फिर वापस एनसीपी में। लेकिन 2023 में फिर बंटवारा हुआ और अजित पवार महायुति गठबंधन में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री बने। उनके फैसले हमेशा चर्चा में रहे। कुछ उन्हें महत्वाकांक्षी कहते थे, तो कुछ दूरदर्शी। लेकिन कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि वे जमीनी नेता थे। किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। बारामती को उन्होंने मॉडल शहर बनाया, अच्छी सड़कें, अस्पताल, स्कूल। उनकी मौत से महाराष्ट्र ने एक अनुभवी प्रशासक खो दिया।
हादसे का पूरा विवरण: क्या हुआ उस सुबह?
सुबह मुंबई से विमान ने उड़ान भरी। अजित पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। विमान लियरजेट 45 था, रजिस्ट्रेशन VT-SSK। यह दिल्ली की कंपनी VSR वेंचर्स का था। कंपनी ने कहा कि विमान की हालत बहुत अच्छी थी, रखरखाव नियमित था। विमान में पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक थे। अजित पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विधित जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी सवार थे। कुल पांच लोग।
बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के समय मौसम खराब था। विजिबिलिटी कम थी। पहली लैंडिंग अटेंप्ट में रनवे नहीं दिखा। दूसरी कोशिश में विमान रनवे से 100 फीट पहले जमीन से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान फट गया और आग लग गई। सीसीटीवी में साफ दिखा, विमान नीचे आया, धमाका हुआ और काला धुआं उठने लगा।
एयरपोर्ट मैनेजर शिवाजी तावरे ने बताया कि विमान रनवे के साइड में जाकर क्रैश हुआ। रेस्क्यू टीम तुरंत पहुंची लेकिन कोई बच नहीं सका। शव बुरी तरह जल चुके थे। अजित पवार की पहचान उनकी कलाई की घड़ी से हुई। पिंकी माली के परिवार ने बताया कि वे पिछले पांच साल से प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट्स में काम कर रही थीं। उनके पिता ने कहा कि कल रात ही बात हुई थी।
जांच और संभावित कारण
हादसे के तुरंत बाद DGCA और AAIB की टीम जांच में जुट गई। सिविल एविएशन मिनिस्टर के राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में खराब विजिबिलिटी कारण लग रही है। ब्लैक बॉक्स मिल गया है, जो सारी बातचीत रिकॉर्ड करता है। फ्लाइट डेटा से पता चलेगा कि आखिरी पलों में क्या हुआ। कंपनी ने कहा कि विमान टॉप-नॉच कंडीशन में था। लेकिन सवाल उठ रहे हैं, छोटे एयरपोर्ट पर लैंडिंग की सुविधाएं कितनी हैं? पहले भी महाराष्ट्र में कई राजनीतिक हादसे हो चुके हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल सभी दल शोक में हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और शोक की लहर
खबर फैलते ही दिल्ली से बारामती तक शोक छा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से फोन पर बात की और दुख व्यक्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रद्धांजलि दी। सीएम देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र ने अपना बड़ा नेता खो दिया। शिंदे ने उन्हें बड़ा भाई कहा।
शरद पवार, सुप्रिया सुले, सुनित्रा पवार दिल्ली से बारामती पहुंचे। अस्पताल के बाहर हजारों समर्थक जमा हो गए। रोते-बिलखते लोग। एनसीपी दफ्तर में श्रद्धांजलि सभा। विपक्षी नेता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। तीन दिन का राजकीय शोक घोषित हुआ। अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति पर असर
अजित पवार की मौत से महायुति गठबंधन पर बड़ा असर पड़ेगा। वे एनसीपी के बड़े चेहरे थे। बारामती में उनका कोई विकल्प नहीं था। अब जिला परिषद चुनाव कैसे होंगे? एनसीपी का भविष्य क्या होगा? शरद पवार गुट और अजित गुट पहले से बंटे थे, अब और जटिलता आएगी। कई विश्लेषक कह रहे हैं कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा करेगा।
विमान हादसों का इतिहास और सबक
भारत में राजनीतिक नेताओं के विमान हादसे नई बात नहीं। 1965 में बालवंतराय मेहता, फिर संजय गांधी, वाईएस राजशेखर रेड्डी, माधवराव सिंधिया, जीएमसी बालयोगी, कई बड़े नाम। छोटे चार्टर्ड विमानों में जोखिम ज्यादा होता है। खराब मौसम, छोटे रनवे, तकनीकी खराबी, कारण कई। इस हादसे से फिर सवाल उठेंगे कि वीवीआईपी यात्राओं के लिए सुरक्षा मानक और सख्त करने चाहिए।
अजित पवार की मौत सिर्फ एक परिवार या पार्टी की क्षति नहीं, पूरे महाराष्ट्र की क्षति है। वे विवादास्पद रहे, लेकिन काम करने वाले नेता थे। किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार, उनका योगदान हमेशा याद रहेगा। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, समर्थकों और पूरे राज्य के साथ संवेदना। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति।
Disclaimer:
यह लेख विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों (जैसे NDTV, Reuters, BBC, Al Jazeera, India Today, The Hindu, Times of India आदि) से प्राप्त सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। यह एक स्वतंत्र, मूल और मानवीय लेखन है जो घटना की रिपोर्टिंग करता है। सभी तथ्य प्रेस रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और जांच अभी चल रही है। किसी भी तरह की अफवाह या असत्यापित जानकारी से बचने की कोशिश की गई है। यह लेख किसी राजनीतिक पक्ष या विचारधारा का समर्थन नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि आधिकारिक सूत्रों से ही अपडेट लें।

