फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमतें बढ़ने वाली हैं -धूम्रपान करने वालों के लिए बड़ा झटका!
नए साल 2026 की शुरुआत में ही धूम्रपान करने वालों को एक और झटका लगने वाला है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा। इस नए नियम के तहत सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी दोबारा लागू की जा रही है, जिससे मार्केट में हर सिगरेट की कीमत बढ़ जाएगी।
यह फैसला वित्त मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को नोटिफिकेशन जारी करके किया। अब सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक्स पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगेगी। यानी छोटी सिगरेट पर कम और लंबी-प्रीमियम सिगरेट पर सबसे ज्यादा टैक्स!
क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार के पीछे क्या वजह है?
सरकार का कहना है कि यह कदम दो बड़े उद्देश्यों के लिए उठाया गया है:
- स्वास्थ्य सुरक्षा – भारत में करीब 10 करोड़ लोग सिगरेट पीते हैं। धूम्रपान से हर साल लाखों लोग कैंसर, COPD, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। टैक्स बढ़ाने से कीमतें महंगी होंगी, जिससे खासकर युवा और कम आय वाले लोग सिगरेट कम खरीदेंगे या छोड़ देंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी सलाह देता है कि सिगरेट की रिटेल कीमत का कम से कम 75% टैक्स होना चाहिए। भारत में अभी यह औसतन 53% के आसपास है।
- राजस्व की भरपाई – GST लागू होने के बाद 2017 से सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी लगभग नाममात्र रह गई थी। अब सेस हटाकर स्पेसिफिक एक्साइज ड्यूटी लाई जा रही है। इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसे स्वास्थ्य योजनाओं और अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
नई एक्साइज ड्यूटी के हिसाब से कितनी बढ़ेगी कीमत? (अनुमानित)
| सिगरेट की लंबाई/कैटेगरी | एक्साइज ड्यूटी (प्रति 1000 स्टिक) | प्रति सिगरेट टैक्स (लगभग) | अनुमानित बढ़ोतरी (15-30%) |
|---|---|---|---|
| 65 mm से कम (नॉन-फिल्टर) | ₹2,050 | ₹2.05 | 10-15% |
| 65-70 mm (फिल्टर) | ₹3,600-₹4,000 | ₹3.60-₹4.00 | 20-25% |
| 70-75 mm (फिल्टर) | ₹5,400 | ₹5.40 | 25-28% |
| 75 mm से ज्यादा (प्रीमियम) | ₹8,500 तक | ₹8.50+ | 28-35% |
उदाहरण से समझें:
- अगर आज कोई सामान्य सिगरेट (जैसे गोल्ड फ्लेक या क्लासिक) 15-18 रुपये में मिल रही है, तो फरवरी से यह 18-22 रुपये तक पहुंच सकती है।
- प्रीमियम ब्रांड जैसे मार्लबोरो, आइस बर्स्ट या क्लासिक अल्ट्रा, 5-8 रुपये तक महंगी हो सकती हैं।
कंपनियां इस टैक्स बोझ को पूरा करने के लिए खुद कीमतें बढ़ाएंगी। इसलिए असली बढ़ोतरी 15% से 30% तक हो सकती है।
धूम्रपान करने वालों पर क्या असर पड़ेगा?
- जेब पर बोझ – रोज 10 सिगरेट पीने वाला व्यक्ति महीने में 500-1500 रुपये अतिरिक्त खर्च कर सकता है।
- कंपनियों पर प्रभाव – ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स जैसी कंपनियों के शेयर 1 जनवरी 2026 को 8-17% तक गिर गए थे। मार्केट में घबराहट है।
- स्वास्थ्य लाभ -विशेषज्ञों का मानना है कि कीमत बढ़ने से खपत कम होगी। खासकर युवाओं में स्मोकिंग की आदत कम होने की उम्मीद है।
क्या करें? कुछ सुझाव
अगर आप सिगरेट पीते हैं तो यह सही समय है सोचने का। धूम्रपान छोड़ना आसान नहीं, लेकिन संभव जरूर है। कुछ टिप्स:
- निकोटिन गम/पैच का इस्तेमाल करें
- दोस्तों-परिवार का साथ लें
- व्यायाम, योग और ध्यान से तनाव कम करें
- सरकारी हेल्पलाइन या क्विट टोबैको क्लिनिक से मदद लें
फरवरी 2026 से सिगरेट महंगी होने जा रही है, लेकिन यह बदलाव हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सरकार ने स्वास्थ्य और राजस्व दोनों को संतुलित करने की कोशिश की है। अब फैसला आपका है, महंगे कश लेंगे या इस आदत को अलविदा कहेंगे?
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। हम किसी भी प्रकार की सिगरेट या तंबाकू उत्पाद के सेवन को प्रोत्साहित नहीं करते। धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सिगरेट छोड़ने के लिए डॉक्टर या सरकारी हेल्पलाइन (1800-11-2356) से संपर्क करें। लेख में दी गई जानकारी जनवरी 2026 तक उपलब्ध समाचारों पर आधारित है और भविष्य में बदल सकती है।
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