पटना, 18 दिसंबर 2025 – एक चौंकाने वाली घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक वायरल वीडियो में एक AYUSH डॉक्टर का हिजाब खींचते दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। विपक्षी दलों ने वरिष्ठ नेता पर महिलाओं की गरिमा और धार्मिक संवेदनशीलता के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
यह घटना बिहार में स्वास्थ्य संबंधी एक सामान्य कार्यक्रम के दौरान घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और वायरल वीडियो के अनुसार, कुमार महिला डॉक्टर के साथ मजाकिया अंदाज में बातचीत कर रहे थे, लेकिन बात हिजाब खींचने तक पहुंच गई, जिससे डॉक्टर पर असहजता साफ दिखाई दी। यह क्लिप प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गई और घंटों में लाखों व्यूज जमा कर लीं, जिससे माफी की मांग और सार्वजनिक हस्तियों के लिए सख्त प्रोटोकॉल की अपील तेज हो गई।
विपक्षी नेताओं ने इस कृत्य की निंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने इसे “अनुचित” करार देते हुए कहा कि यह लिंग सम्मान और धार्मिक संवेदनाओं से जुड़े गहरे सामाजिक मुद्दों का प्रतीक है। RJD के प्रवक्ता मृतुनजय तिवारी ने कहा, “एक मुख्यमंत्री का ऐसा व्यवहार बिहार की प्रगतिशील छवि को धक्का पहुंचाता है। नीतीश कुमार को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।” अन्य पक्षों से भी ऐसी ही प्रतिक्रियाएं आईं, जबकि कार्यकर्ताओं ने इस घटना को राज्य में पहले से मौजूद सांस्कृतिक विभाजनों को बढ़ावा देने वाली बताया।
इसके जवाब में, जनता दल यूनाइटेड (JDU), कुमार की पार्टी ने एक संयमित बयान जारी किया। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि यह क्षण “गलत तरीके से व्याख्या” किया गया है और यह एक हास्यपूर्ण आदान-प्रदान से उपजा था। बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री ने हमेशा बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की है, और यह एक अनजाने में गलत हो गया हल्का-फुल्का पल था।” JDU नेताओं ने जनता से अपील की कि इस घटना को राजनीतिक न बनाया जाए और कुमार के स्वास्थ्य पहलों, विशेष रूप से AYUSH प्रणालियों के प्रचार में उनके योगदान पर ध्यान दिया जाए।
यह विवाद कुमार के लिए एक संवेदनशील समय पर आया है, जिन्होंने हाल के वर्षों में कई गठबंधन बदलाव और चुनावी जंगें झेली हैं। आलोचकों का मानना है कि यह घटना सामाजिक न्याय के चैंपियन के रूप में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर अल्पसंख्यक समुदायों में। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं ध्रुवीकृत हैं, जहां कुछ यूजर्स इसे अतिरंजित बता रहे हैं, तो अन्य औपचारिक जांच की मांग कर रहे हैं।
जैसे-जैसे वीडियो वायरल होता जा रहा है, बिहार सरकार पर और स्पष्टीकरण की नजरें टिकी हैं। क्या इससे आधिकारिक माफी आएगी, या यह राजनीतिक चूक की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा? अपडेट्स के लिए बने रहें।
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